21 अप्रैल 2020 - 13:32
आईआरजीसी हुआ 41 साल का, इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने की इसके कारनामे की तारीफ़

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने आईआरजीसी संगठन को फ़ख़्र करने के क़ाबिल संगठन बताया।

ईरानी कैलेंडर के दूसरे महीने की 2 तारीख़ सन 1358 हिजरी शम्सी बराबर 22 अप्रैल 1979 को आईआरजीसी का गठन हुआ। इस्लामी क्रान्ति का यह अहम अंग 41 साल का हो गया। 4 दशक से ज़्यादा समय से यह संगठन लोगों की सेवा कर रहा है। इसी तरह यह संगठन सैन्य व विकास के क्षेत्र तथा दुश्मन के ख़तरों से निपटने और आम लोगों की सेवा से जुड़े काम करता आ रहा है और इस क्षेत्र में इसने बड़ी सफलताएं हासिल की हैं।

इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता एक सफल क्रान्तिकारी संगठन के मानदंड के बारे में कहते हैः "हर संगठन की स्थिति को परखने का एक स्टैंडर्ड यह है कि उसकी सफलता की उसकी नाकामी से तुलना की जाए, अगर हम इस बिन्दु को तुलना का मानदंड बनाएं तो मेरी नज़र में आईआरजीसी सबसे सफल संगठनों में से एक है।"

आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई इसी तरह अनेक क्षेत्रों में आईआरजीसी की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहते हैः "आईआरजीसी की एक विशेषता इनोवेशन है। आईआरजीसी सैन्य व दूसरे तरह के उपकरणों में इनोवेशन करने के साथ साथ विभिन्न प्रकार के संसाधनों के उत्पादन व निर्माण में आगे रहा है। पहल करने की उसकी विशेषता देश में सेना के लिए इन संसाधनों के वजूद में आने का कारण बनी। दूसरी ओर आईआरजीसी सामाजिक सेवा के विभिन्न मंचों पर पूरी क्षमता के साथ मौजूद है। इन बरसों में आईआरजीसी ने सेवा के काम किए हैं और कर रहा है। उसके काम की मात्रा दिन ब दिन बढ़ रही है। इसकी आप किस संगठन से तुलना कर सकते हैं? दुनिया के किस सशस्त्र संगठन से तुलना कर सकते हैं? आईआरजीसी की ये विशेषताएं इस्लामी क्रान्ति की देन हैं और ऐसी विशेषताएं इंसान को कम संगठनों में नज़र आती हैं।"